मेरठ में नोटबंदी के 13 महीने बाद पुरानी करेंसी, 21 बोरों में 25 करोड़ के पुराने नोट बरामद
Dhanaoura times news
नोटबंदी के 13 महीने बाद भी पुरानी करेंसी बदलने का धंधा चल रहा है। पुलिस ने दिल्ली रोड स्थित राजकमल एन्क्लेव के प्रापटी डीलर संजय मित्तल के दफ्तर से 1000 और 500 रुपये के लगभग 25 करोड़ रुपये मूल्य की करेंसी बरामद की है। करेंसी की डील करने के मकसद से यहां पहुंचे चार लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने अब लिखापढ़ी में राजकमल एन्कलेव के प्रॉपर्टी डीलर का नाम संजीव मित्तल बताया है।
परतापुर थाना क्षेत्र के राजकमल एन्क्लेव से पुलिस ने बिल्डर के दफ्तर से 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद की है। एक हजार और पांच सौ रुपये के इन नोटों को बोरे में भरकर रखा गया था। मौके से दिल्ली के एक दलाल समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। बिल्डर फरार हो गया। एसएसपी ने पुराने नोटों की इतनी बड़ी रकम बरामद होने पर इनकमटैक्स, प्रवर्तन निदेशालय और डीजीपी ऑफिस को जानकारी देने के बाद नोटों को दफ्तर में सील करा पुलिस तैनात कर दी है। यह करेंसी 21 बोरों में भरी हुई थी।
दिल्ली रोड पर राजकमल एन्क्लेव के ए-5 में बिल्डर संजीव मित्तल का परिवार रहता है। संजीव मित्तल ने कंकरखेड़ा में डिफेंस-58 समेत कई कालोनी का निर्माण किया है। उन्होंने एक ऑफिस राजकमल एन्क्लेव में भीतर और एक बाहर मार्केट में बनाया हुआ है। कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर दीपक शर्मा को कई दिन से सर्विलांस पर किसी बड़ी डील की जानकारी मिल रही थी। इसी सूचना पर शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने राजकमल एन्क्लेव में भीतर बनाए गए संजीव मित्तल के ऑफिस में छापामारी कर दी। यहां से पुलिस को प्लास्टिक के बोरों में भरकर रखे गए एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट बरामद हो गए।
25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद होने की सूचना पर एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एसपी क्राइम शिवराम यादव, सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया और एसएसपी मंजिल सैनी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके से नोटों को बदलवाने आए दलाल दिल्ली के पालम राजनगर निवासी नरेश अग्रवाल पुत्र विश्वनाथ अग्रवाल, बिल्डर संजीव मित्तल के ड्राइवर पांचली जानी निवासी योगेश पुत्र भोपाल, नौकर परतापुर ब्रज विहार निवासी अरुण गुप्ता पुत्र टेकचंद गुप्ता और बिल्डर के यहां जमीन का काम देखने वाले ब्रह्मपुरी निवासी विनोद शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा को हिरासत में ले लिया।
बिल्डर संजीव मित्तल परिवार के साथ भूमिगत हो गया है। एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि पुलिस नोटों के बदलने वाले गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। कानूनी कार्रवाई के लिए विधिक राय ली जा रही है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान के मुताबिक दिल्ली के दिल्ली के एक व्यक्ति के जरिए कमीशन पर पुराने नोट बदलने का सौदा तय हुआ था। पुलिस पिछले आठ 10 दिन से इंटरसेक्शन सर्विलांस और अन्य माध्यम से इस पर नजर बनाए हुए थे। दोपहर सटीक सूचना पर कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने दिल्ली रोड पर राजकमल एंक्लेव में मंदिर के सामने स्थित प्रॉपर्टी डीलर संजीव मित्तल के कार्यालय पर छापा मारा।
ऑफिस के भीतर प्लास्टिक के 10 कट्टों में तकरीबन 25 करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी रखी हुई थी। पुलिस ने सौदा कराने वाले दिल्ली के व्यक्ति सहित चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि नोटबंदी के बाद से अब तक की यह सबसे बड़ी रिकवरी है। इस रिकवरी के बाद मेरठ में हड़कंप मचा हुआ है।सूत्रों के अनुसार दिल्ली का यह दलाल किसी बड़े रैकेट का सरगना है जो पुरानी करेंसी को विदेशियों को देता है। इसके एवज में मोटी रकम ली जाती है। इस पूरे प्रकरण के अन्य पहलुओं से भी पर्दा हटाया जा रहा है।
मेरठ में नोटबंदी के 13 महीने बाद पुरानी करेंसी, 21 बोरों में 25 करोड़ के पुराने नोट बरामद
Reviewed by Ravindra Nagar
on
December 29, 2017
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