अन्ना हजारे ने कहा प्रधानमंत्री मोदी नहीं दे रहे मेरे पत्रों का जवाब। 23 मार्च से दिल्ली में डेरा। नागौर के परबतसर में हुई जनसभा।
22 दिसम्बर को समाजसेवी अन्ना हजारे की एक आम सभा राजस्थान के नागौर जिले के परबतसर में हुई। इस सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। सभा में अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दस पत्र लिखे हैं, लेकिन एक का भी जवाब नहीं आया है। इसलिए अब वे एक अंतिम पत्र लिखकर भविष्य में प्रधानमंत्री को कोई पत्र नहीं लिखेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी रेडियो पर लोगों के मन की करते हैं, लेकिन मेरे पत्रों का जवाब नहीं देते। जबकि मेरे पत्र किसानों और आम लोगों की समस्याओं से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं देश की विभिन्न समस्याओं को लेकर 23 मार्च से दिल्ली में डेरा जमाऊंगा। दिल्ली के आंदोलन को सफल बनाने के लिए ही मैं इन दिनों देशभर का भ्रमण कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान इसलिए नहीं हो रहा कि किसानों के संगठन बिखरे पड़े हैं। यदि सभी संगठन एकजुट होकर आंदोलन करें तो दो दिन में सरकार झुक जाएगी। मेरी नजर में कर्ज माफी किसानों की समस्या का समाधान नहीं है। मुझे लगता है कि कर्ज माफी का मतलब नाच करे बंदरिया और माल खाए मदारी है। जब तक देश में कृषि उत्पाद का लागत मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक किसानों की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरेगी। सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे कृषि उत्पाद का लागत मूल्य तो किसान को मिल ही सके। उन्होंने देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए लोकपाल को जरूरी बताया। अन्ना हजारे ने इस बात पर अफसोस जताया कि केन्द्र सरकार ने अभी तक भी लोकपाल की नियुक्ति नहीं की है। बहाना बनाया जा रहा है कि लोकसभा में प्रतिपक्ष का नेता नहीं है। जबकि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि बिना प्रतिपक्ष के नेता के ही लोकपाल की नियुक्ति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बार-बार भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने का दावा करते हैं, लेकिन अपनी ही सरकार में लोकपाल की नियुक्ति नहीं करते। उन्होंने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है। इसलिए युवा नेतृत्व को आगे आना चाहिए।
स्वागतः
परबतसर की जनसभा में अन्ना हजारे का विभिन्न संगठनों की ओर से स्वागत किया गया। सभा का संचालन राजस्थान के प्रमुख समाजसेवी विक्रम सिंह टापरवाड़ा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर टापरवाड़ा ने कहा कि विपरीत मौसम के बाद भी अन्ना हजारे की तीन दिवसीय दोरे पर नागौर आए हैं। यह नागौर ही नहीं बल्कि राजस्थान का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि यदि अन्ना हजारे की नीतियों के अनुरूप ग्राम राज्य पर अमल किया जाए तो भारत सही दिशा में बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि उनके पैतृक गांव टापरवाड़ा में 23 दिसम्बर को ग्रामसभा अन्ना हजारे की अध्यक्षता में ही होगी। सभा में नागरिक सेवा समिति, लाॅयन्स क्लब, किसान सभा आदि की ओर से भी अन्न हजारे का स्वागत किया गया। मंच पर अभिनव राजस्थान के अशोक च ौधरी, भामशाह नंदलला काबरा, नगर पालिका के अध्यक्ष आदि भी उपस्थित थे।
एस.पी.मित्तल) (22-12-17)
अन्ना हजारे ने कहा प्रधानमंत्री मोदी नहीं दे रहे मेरे पत्रों का जवाब। 23 मार्च से दिल्ली में डेरा। नागौर के परबतसर में हुई जनसभा।
Reviewed by Ravindra Nagar
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December 22, 2017
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