मुसलमानों ने पेश की बड़ी मिसाल, खुद हटवाई हाईवे से मस्जिद, विदेशों तक तारीफ
Dhanaoura times news
मुजफ्फरनगर। सार्वजनिक स्थानों से धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए अक्सर प्रशासन को नाकों चने चबाने पड़ जाते हैं। लेकिन मुजफ्फरनगर के मुसलमानों ने एक नई मिसाल कायम की है। दिल्ली देहरादून हाईवे पर ओवर ब्रिज के पास मस्जिद होने के कारण ओवरब्रिज का निर्माण कार्य काफी सालों से अधूरा पड़ा था। जिसे मुसलमानों ने खुद रास्ते से हटवा दिया है।*
मुजफ्फरनगर में हटाई गई मस्जिद।*
देर रात लोगों ने रास्ता देने के लिए खुद एक मस्जिद को हटवाया। हालांकि इस काम का श्रेय लेने के लिए सत्ता पक्ष के नेताओं सहित कई लोग लगे हुए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि संधावली के राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल बनाने के लिए आपसी सहमति से मदरसे में मस्जिद के प्रबंधकों द्वारा मुआवजा प्राप्त करने के बाद मस्जिद को हटाया जा रहा है। और इस पर कोई अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए।
मुजफ्फरनगर के निकटवर्ती गांव संधावली में रास्ते में एक मस्जिद आ रही थी। जिसके कारण हाईवे पर संधावली रेलवे ओवरब्रिज की एक साईड अधूरी पड़ी हुई थी और यह खतरनाक साबित हो रही थी। राष्ट्रीय राजमार्ग 58 नेशनल हाईवे घोषित करने के बाद चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन हुआ तो इसमें पता चला कि सुजडू गांव में सड़क के किनारे निवासी मेहंदी हसन की जमीन पर आमिर अहमद ने मस्जिद बनाई थी।
*हाईवे चौड़ीकरण के कुछ भाग में मस्जिद भी थी*
हाईवे चैड़ीकरण की भूमि के कुछ भाग में मस्जिद भी आ रही थी। यहां पर रेलवे लाइन पर रेलवे ओवर ब्रिज बनाया जाना था। एक साईड तैयार हो गई थी लेकिन दूसरी साईड को मस्जिद के कारण छोड़ दिया गया था, क्योंकि मस्जिद बीच में खड़ी थी। पिछले 10 सालों से नेशनल हाईवे अथॉरिटी भी इसको हल करने मे जुटी थी। बताया जाता है कि अरशद मदनी ने भी मस्जिद का मुआयना किया था।
*फैसले से रखा राजनीति को दूर*
आखिरकार मस्जिद के संचालक कारी अमीर अहमद और फजलुर्रहमान ने प्रशासन से वार्ता कर बिना किसी राजनीति के हाईवे पर सफर करने वाले लाखों लोगों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए इस मस्जिद और मदरसे का एक भाग हटाने का निर्णय लिया। इस जमीन के मुआवजे के लिए मस्जिद हटाने पर 40लाख रुपए एनआईए ने मस्जिद प्रबंधक को दिए हैं। अब यहां पर शीघ्र ही अधूरे पड़े पुल का निर्माण हो जाएगा.
*आपसी सहमति से हुआ यह काम*
एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र और तहसीलदार सदर रंजीत कुमार ने बताया कि संधावली में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल बनाने के लिए आपसी सहमति और पूरे सौहार्द पूर्ण वातावरण में हुआ। मस्जिद को हटाकर जन सामान्य के लिए जनहित में राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में सहयोग दिया है, इसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। किसी भी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं बल्कि आपसी सहमति और सहयोग से यह पहल हुई है। इस संबंध में कोई अफवाह फैलाएगा तो कार्रवाई की जाएगी।
*मुजफ्फरनगर के मुसलमानों की देशभर में तारीफ*
लोगों की इस पहल के बाद उनकी देशभर से लकर विदेश तक में चर्चाएं हो रही हैं और तारीफें मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर मुजफ्फरनगर के मुसलमानों की पहल एक नई सांप्रदायिक सौहार्द की कहानी लिख रही है कि किस तरह से मुजफ्फरनगर के मुसलमानों ने हाईवे पर आने जाने के लिए रास्ते से मस्जिद को हटा दिया।
मुसलमानों ने पेश की बड़ी मिसाल, खुद हटवाई हाईवे से मस्जिद, विदेशों तक तारीफ
Reviewed by Ravindra Nagar
on
February 16, 2018
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