योगी आदित्यनाथ सरकार ने बूचड़खानों को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया गांवों में पशु कटान और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध
Dhanaoura times news
योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: यूपी के गांवों में मांस कारोबार पर प्रतिबंध उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बूचड़खानों को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट बैठक में गांवों में पशु कटान और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर मुहर लगी. योगी सरकार ने मंगलवार को हुए कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पशु कटान व मांस की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगा दिया है. इस बैठक में जिला और क्षेत्र पंचायत में पशु कटान व मांस के कारोबार पर प्रतिबंध के फैसले पर मुहर लगी. इस फैसले के बाद अगर किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए पशु कटान जरुरी होगा तो उसकी अनुमति डीएम से लेनी होगी. बता दें नगर क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था पहले ही लागू की जा चुकी है. सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिनियम की धारा 197 को निरस्त करते हुए 198 में आशिक संशोधन किया गया है. अपर मुख्य सचिव चंचल कुमार तिवारी ने बताया कि इस धारा के तहत मांस बिक्री व पशु कटान की अनुमति जिला पंचायत द्वारा दी जाती थी. धारा समाप्त होने से वे अब इसकी अनुमति नहीं दे सकेंगे. इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में पशुओं की कटान और कारोबार नहीं हो सकेगी. नई व्यवस्था के तहत अगर किसी धार्मिक प्रयोजन के लिए पशु की काटन जरुरी है तो कमिश्नर के निर्देश पर डीएम इसकी अनुमति देंगे. इसके लिए आवश्यक शर्तों को पूरा करना जरुरी होगा. इससे पहले पिछले बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नगर निगम और नगर पालिका प्रशासन द्वारा संचालित बूचड़खानों को बंद करने के लिए अध्यादेश के माध्यम से अधिनियम को संशोधन के प्रस्ताव को मजूरी दे दी. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बूचड़खानों का निर्माण शहर की सीमा से बाहर ही होगा. उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 में अध्यादेश के माध्यम से संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर कैबिनेट ने सर्वसम्मति से अपनी मुहर लगा दी. इन अधिन्यमों के तहत नगर निगम और नगर पालिकाएं बूचड़खानों का निर्माण, संचालन और निगरानी कर सकते थे, लेकिन अब नगर निगम और नगर पालिका प्रशासन सिर्फ बूचड़खानों को रेगुलेट ही कर सकेंगे. वे न तो इनका निर्माण कराएंगे और न ही अपने स्तर से संचालन कर सकेंगे. प्रवक्ता ने कहा कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के ठाट अब स्लॉटर हाउस शहरों की सीमा के बाहर होंगे. इतना ही नहीं बूचड़खानों के अलावा अन्य किसी स्थान पर पशुओं का वध प्रतिबंधित कर दिया गया है. केवल धार्मिक उद्देश्य के लिए पशु वध किया जा सकेगा.
योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: यूपी के गांवों में मांस कारोबार पर प्रतिबंध उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बूचड़खानों को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट बैठक में गांवों में पशु कटान और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर मुहर लगी. योगी सरकार ने मंगलवार को हुए कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पशु कटान व मांस की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगा दिया है. इस बैठक में जिला और क्षेत्र पंचायत में पशु कटान व मांस के कारोबार पर प्रतिबंध के फैसले पर मुहर लगी. इस फैसले के बाद अगर किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए पशु कटान जरुरी होगा तो उसकी अनुमति डीएम से लेनी होगी. बता दें नगर क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था पहले ही लागू की जा चुकी है. सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिनियम की धारा 197 को निरस्त करते हुए 198 में आशिक संशोधन किया गया है. अपर मुख्य सचिव चंचल कुमार तिवारी ने बताया कि इस धारा के तहत मांस बिक्री व पशु कटान की अनुमति जिला पंचायत द्वारा दी जाती थी. धारा समाप्त होने से वे अब इसकी अनुमति नहीं दे सकेंगे. इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में पशुओं की कटान और कारोबार नहीं हो सकेगी. नई व्यवस्था के तहत अगर किसी धार्मिक प्रयोजन के लिए पशु की काटन जरुरी है तो कमिश्नर के निर्देश पर डीएम इसकी अनुमति देंगे. इसके लिए आवश्यक शर्तों को पूरा करना जरुरी होगा. इससे पहले पिछले बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नगर निगम और नगर पालिका प्रशासन द्वारा संचालित बूचड़खानों को बंद करने के लिए अध्यादेश के माध्यम से अधिनियम को संशोधन के प्रस्ताव को मजूरी दे दी. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बूचड़खानों का निर्माण शहर की सीमा से बाहर ही होगा. उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 में अध्यादेश के माध्यम से संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर कैबिनेट ने सर्वसम्मति से अपनी मुहर लगा दी. इन अधिन्यमों के तहत नगर निगम और नगर पालिकाएं बूचड़खानों का निर्माण, संचालन और निगरानी कर सकते थे, लेकिन अब नगर निगम और नगर पालिका प्रशासन सिर्फ बूचड़खानों को रेगुलेट ही कर सकेंगे. वे न तो इनका निर्माण कराएंगे और न ही अपने स्तर से संचालन कर सकेंगे. प्रवक्ता ने कहा कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के ठाट अब स्लॉटर हाउस शहरों की सीमा के बाहर होंगे. इतना ही नहीं बूचड़खानों के अलावा अन्य किसी स्थान पर पशुओं का वध प्रतिबंधित कर दिया गया है. केवल धार्मिक उद्देश्य के लिए पशु वध किया जा सकेगा.
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Reviewed by Ravindra Nagar
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January 24, 2018
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