सत्ता की चाबी दलितों को अपने हाथ में लेनी होगी: मायावती
धनौरा टाइम्स बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर आरक्षण को मुद्दा बनाने की कोशिश की ओर केन्द्र सरकार पर आरक्षण को खत्म करने की मंशा रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार आरक्षण खत्म करने के नए-नए तरीके निकाल रही है। अपने पुराने वोट बैंक दलित और पिछड़े वर्ग के साथ ही अल्पसंख्यकों को साधने का प्रयास करते हुए मायावती ने कहा कि बसपा इन तीनों वर्गों के कल्याण के लिए कृत संकल्प है।
दलितों को सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेनी होगी। बसपा ने हमेशा दलितों एवं पिछड़े वर्गों का ध्यान रखा है। यूपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब अगले वर्ष होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में बसपा को निर्णायक भूमिका में लाने के लिए मायावती ने अपनी रणनीति बनाई है। इसी के तहत मायावती ने शुक्रवार को जयपुर में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर चुनाव अभियान की शुरूआत की।
मायावती ने ईवीएम मशीन में गडबड़ी का आरोप लगाते हुए लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की आशंका जताते हुए कहा कि मोदी सरकार घटती लोकप्रियता को देखते हुए जल्दी चुनाव करवा सकती है। उन्होंने राजस्थान विधानसभा के चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनाव कराए जाने संभावना जताते हुए कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि ईवीएम मशीन मे गड़बड़ी करके यूपी में बसपा को कमजोर किया गया, हर चुनाव में बसपा को कमजोर करने के प्रयास होते हैं।
टिकट वितरण में पैसे लेने के आरोपों का जवाब देते हुए मायावती ने कहा कि विरोधी लोग मेरी छवि खराब करने के लिए पार्टी फंड में पैसा एकत्रित करने के तरीके पर दुष्प्रचार करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुझे व्यक्तिगत धन एकत्रित करना होता तो राज्यसभा की सभी सीटें धन्ना सेठों को देती। मायावती ने कहा कि भाजपा के राज में ना तो नया भारत बन सकता है और ना ही वंचितों एवं अल्पसंख्यकों के लिए काम हो रहे हैं
भाजपा सहित अन्य पार्टियां चाहे वंचित प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति,सीएम और मंत्री क्यों ना बना दे, ये लोग पदों पर पहुंचकर वंचितों का भला नहीं कर सकते । उन्होंने दलितों पर अत्याचार बढऩे का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में तो दलितों एवं अल्पसंख्यकों की पुलिस थानों में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं होती, जबकि यूपी में बसपा के शासन में दलित, अल्पसंख्यक सहित हर वर्ग की सुनवाई होती थी। मायावती ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है ।
नोटबंदी और जीएसटी से जनता त्रस्त है। इन दोनों का भाजपा में भी विरोध होने लगा है। मायावती ने आरोप लगाया कि देश को विपक्ष मुक्त करने के नाम पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का दुरूपयोग किया जा रहा है। इमरजेंसी से भी अधिक हालात खराब होने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि मीडिया को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस को घेरते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस शासन में मंडल कमीशन की रिपोर्ट आ गई थी,लेकिन जातिवादी सोच के चलते इसे लागू नहीं किया गय
इसी के चलते कांग्रेस को वर्ष 1989 में सत्ता से बाहर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि ओबीसी वोटों के लालच में अब भाजपा पिछड़ा वर्ग आयोग को सैंवधानिक दर्जा देने की बात कह रही है। सम्मेलन के बाद मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी धर्मवीर अशोक एवं प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह भी मौजूद थे
दलितों को सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेनी होगी। बसपा ने हमेशा दलितों एवं पिछड़े वर्गों का ध्यान रखा है। यूपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब अगले वर्ष होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में बसपा को निर्णायक भूमिका में लाने के लिए मायावती ने अपनी रणनीति बनाई है। इसी के तहत मायावती ने शुक्रवार को जयपुर में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर चुनाव अभियान की शुरूआत की।
मायावती ने ईवीएम मशीन में गडबड़ी का आरोप लगाते हुए लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की आशंका जताते हुए कहा कि मोदी सरकार घटती लोकप्रियता को देखते हुए जल्दी चुनाव करवा सकती है। उन्होंने राजस्थान विधानसभा के चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनाव कराए जाने संभावना जताते हुए कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि ईवीएम मशीन मे गड़बड़ी करके यूपी में बसपा को कमजोर किया गया, हर चुनाव में बसपा को कमजोर करने के प्रयास होते हैं।
टिकट वितरण में पैसे लेने के आरोपों का जवाब देते हुए मायावती ने कहा कि विरोधी लोग मेरी छवि खराब करने के लिए पार्टी फंड में पैसा एकत्रित करने के तरीके पर दुष्प्रचार करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुझे व्यक्तिगत धन एकत्रित करना होता तो राज्यसभा की सभी सीटें धन्ना सेठों को देती। मायावती ने कहा कि भाजपा के राज में ना तो नया भारत बन सकता है और ना ही वंचितों एवं अल्पसंख्यकों के लिए काम हो रहे हैं
भाजपा सहित अन्य पार्टियां चाहे वंचित प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति,सीएम और मंत्री क्यों ना बना दे, ये लोग पदों पर पहुंचकर वंचितों का भला नहीं कर सकते । उन्होंने दलितों पर अत्याचार बढऩे का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में तो दलितों एवं अल्पसंख्यकों की पुलिस थानों में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं होती, जबकि यूपी में बसपा के शासन में दलित, अल्पसंख्यक सहित हर वर्ग की सुनवाई होती थी। मायावती ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है ।
नोटबंदी और जीएसटी से जनता त्रस्त है। इन दोनों का भाजपा में भी विरोध होने लगा है। मायावती ने आरोप लगाया कि देश को विपक्ष मुक्त करने के नाम पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का दुरूपयोग किया जा रहा है। इमरजेंसी से भी अधिक हालात खराब होने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि मीडिया को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस को घेरते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस शासन में मंडल कमीशन की रिपोर्ट आ गई थी,लेकिन जातिवादी सोच के चलते इसे लागू नहीं किया गय
इसी के चलते कांग्रेस को वर्ष 1989 में सत्ता से बाहर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि ओबीसी वोटों के लालच में अब भाजपा पिछड़ा वर्ग आयोग को सैंवधानिक दर्जा देने की बात कह रही है। सम्मेलन के बाद मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी धर्मवीर अशोक एवं प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह भी मौजूद थे
सत्ता की चाबी दलितों को अपने हाथ में लेनी होगी: मायावती
Reviewed by Ravindra Nagar
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December 01, 2017
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