होटल कर्मियों ने की सिपाहियों से मारपीट, की एसएसपी से शिकायत
*होटल कर्मियों से सिपाहियों की मारपीट, एसएसपी से शिकायत*
*बीएसटी टीम, लखनऊ 28 नबम्बर, 2017*
*नशे में धुत थे पुलिसकर्मी, कमरों से निकाल कर गलियारे में गिराकर पीटा ग्राहकों कोवीडियो फुटेज वायरल होने पर एसएसपी ने तीन आरोपी सिपाहियों को निलम्बित किया, एएसपी को दी जांच आलमबाग पुलिस ने पहले मामला रफा-दफा कर दिया था शर्मनाक*
*लखनऊ ब्यूरो कार्यालय*।आलमबाग में स्थित एक होटल में रविवार देर रात सिपाहियों ने कमरा बुक कराने के विवाद में एक घंटे तक खूब तांडव किया। होटल के कमरे में घुसकर ग्राहकों व मैनेजर को पीटा। विरोध करने पर कई ग्राहकों को उनके कमरे से बाहर निकाल लिया और गैलरी में गिराकर लात-घूंसे बरसाये। जिसने विरोध किया, वह इन पुलिस वालों की गुंडई का शिकार बना। यही नहीं होटल से जाते समय पुलिस को धमकी दी कि अगर शिकायत की तो बर्बाद कर दिये जाओगे। कन्ट्रोल रूम में सूचना पर आलमबाग पुलिस पहुंची लेकिन वह मामला रफा कर चलती बनी। उसने जबरन होटल मालिक से समझौता भी लिखवा लिया।सोमवार सुबह होटल के अंदर हुई इस दबंगई और बवाल का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस अधिकारी हरकत में आ गये। होटल मालिक ने भी इस सम्बन्ध में एसएसपी से न्याय की गुहार की थी।
शुरुआती पड़ताल में बवाल की पुष्टि हुई तो एसएसपी ने पहचान में आये तीन आरोपी सिपाहियों को निलम्बित कर दिया। साथ ही एएसपी पूर्वी को दो दिन में इसकी जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि अगर सिपाहियों की गलती साबित होगी तो उनकी बर्खास्तगी की संस्तुति की जायेगी। यह बवाल आलमबाग के सुजानपुरा स्थित मेट्रो होटल में रविवार रात को हुआ। यहां पर सादे कपड़ों में सिपाही गोपाल गिरी, कमलवीर सिंह और प्रदीप शर्मा होटल में अपने परिचित के लिये कमरा बुक कराने पहुंचे। इनके साथ कुछ और लोग भी थे।मनचाहा कमरा न मिलने पर बवाल किया सिपाहियों ने होटल कर्मचारियों के मुताबिक सिपाहियों ने पहले कमरे का किराया 600 रुपये से तीन सौ रुपये कराया, फिर मनचाहा कमरा मांगने लगे। जिस कमरे को वह चाह रहे थे, उसमें एक युवक-युवती रुके हुये थे। इस पर मैनेजर रमेश यादव ने कमरा देने से मना कर दिया। बस, यह बात सिपाहियों को नागवार गुजरी। तीनों सिपाहियों ने मैनेजर को पीटा, फिर ग्राहक को कमरे से निकाल कर पीटने लगे। इस दौरान जिसने भी विरोध किया, उसे गिरा कर पीटा। एक घंटे तक अफरातफरी रही प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक सिपाही नशे में धुत थे और सबसे उलझ रहे थे। पहले इन लोगों ने मुफ्त में कमरा देने को कहा था लेकिन मैनेजर ने मना कर दिया था। इस पर वह पहले से नाराज थे। इसके बाद जैसे ही मनचाहा कमरा नहीं दिया गया तो ये लोग और उग्र हो गये। आरोप है कि तीनों पुलिस कर्मी नशे में थे। आलमबाग पुलिस ने जबरन समझौता कराया होटल में पुलिस की दबंगई से दहशत में आये लोगों ने कन्ट्रोल रूम में सूचना दे दी। वायरलेस पर मैसेज चला तो आलमबाग पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने होटल मालिक को ही अर्दब में ले लिया। होटल मालिक सुशील अबरोल ने सीओ और इंस्पेक्टर से शिकायत की तो उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन तहरीर नहीं ली। वहीं कुछ देर बाद एक कागज पर लिखवा लिया कि वह इस घटना में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। फुटेज में पूरी घटना कैदमालिक सुशील ने बताया कि सीसी फुटेज में सिपाहियों की पूरी करतूत कैद हो गई है। पर, स्थानीय पुलिस मामले को रफादफा करने में जुटी हुई है। इस घटना को लेकर व्यापारियों में भी काफी गुस्सा है। यही वजह है कि आरोपी सिपाहियों पर कार्रवाई के लिये काफी दबाव बना। यह भी पता किया जा रहा है कि इन तीनों के साथ क्या और पुलिसकर्मी भी थे। *वायरल होने पर मचा हड़कम्प,*निलम्बितइस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो महकमे में अफसरों ने लखनऊ पुलिस के अधिकारियों से इस बारे में पूछना शुरू कर दिया। इसके बाद ही तीनों सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक आरोपी सिपाहियों गोपाल गिरी, कमलवीर और प्रदीप को निलम्बित कर दिया गया है। एएसपी पूर्वी की जांच में तीनों सिपाही दोषी मिलेंगे तो इनकी बर्खास्तगी की संस्तुति की जायेगी। आलमबाग सीओ के ड्राइवर व हमराही रहे थे आरोपी सीओ आलमबाग संजीव सिन्हा का कहना है कि तीनों सिपाही वर्तमान में मानकनगर थाने में तैनात है और इस समय चुनाव डयूटी में लगे हुये थे। काफी समय पहले गोपाल सीओ का ड्राइवर था और कमलवीर हमराही नियुक्ति था। इन तीनों के बारे में और भी जानकारी जुटायी जा रही है। एफआईआर क्यों नहीं होटल मालिक के करीबियों का कहना है कि फुटेज में सारी बात सामने आने के बाद भी एफआईआर क्यों नहीं लिखी जा रही है। पुलिस कर्मियों को बचाने के लिये ही ऐसा किया जा रहा है। वहीं सीओ का कहना है कि किसी ने तहरीर ही नहीं दी है। रिपोर्ट शीबा खान
*बीएसटी टीम, लखनऊ 28 नबम्बर, 2017*
*नशे में धुत थे पुलिसकर्मी, कमरों से निकाल कर गलियारे में गिराकर पीटा ग्राहकों कोवीडियो फुटेज वायरल होने पर एसएसपी ने तीन आरोपी सिपाहियों को निलम्बित किया, एएसपी को दी जांच आलमबाग पुलिस ने पहले मामला रफा-दफा कर दिया था शर्मनाक*
*लखनऊ ब्यूरो कार्यालय*।आलमबाग में स्थित एक होटल में रविवार देर रात सिपाहियों ने कमरा बुक कराने के विवाद में एक घंटे तक खूब तांडव किया। होटल के कमरे में घुसकर ग्राहकों व मैनेजर को पीटा। विरोध करने पर कई ग्राहकों को उनके कमरे से बाहर निकाल लिया और गैलरी में गिराकर लात-घूंसे बरसाये। जिसने विरोध किया, वह इन पुलिस वालों की गुंडई का शिकार बना। यही नहीं होटल से जाते समय पुलिस को धमकी दी कि अगर शिकायत की तो बर्बाद कर दिये जाओगे। कन्ट्रोल रूम में सूचना पर आलमबाग पुलिस पहुंची लेकिन वह मामला रफा कर चलती बनी। उसने जबरन होटल मालिक से समझौता भी लिखवा लिया।सोमवार सुबह होटल के अंदर हुई इस दबंगई और बवाल का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस अधिकारी हरकत में आ गये। होटल मालिक ने भी इस सम्बन्ध में एसएसपी से न्याय की गुहार की थी।
शुरुआती पड़ताल में बवाल की पुष्टि हुई तो एसएसपी ने पहचान में आये तीन आरोपी सिपाहियों को निलम्बित कर दिया। साथ ही एएसपी पूर्वी को दो दिन में इसकी जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि अगर सिपाहियों की गलती साबित होगी तो उनकी बर्खास्तगी की संस्तुति की जायेगी। यह बवाल आलमबाग के सुजानपुरा स्थित मेट्रो होटल में रविवार रात को हुआ। यहां पर सादे कपड़ों में सिपाही गोपाल गिरी, कमलवीर सिंह और प्रदीप शर्मा होटल में अपने परिचित के लिये कमरा बुक कराने पहुंचे। इनके साथ कुछ और लोग भी थे।मनचाहा कमरा न मिलने पर बवाल किया सिपाहियों ने होटल कर्मचारियों के मुताबिक सिपाहियों ने पहले कमरे का किराया 600 रुपये से तीन सौ रुपये कराया, फिर मनचाहा कमरा मांगने लगे। जिस कमरे को वह चाह रहे थे, उसमें एक युवक-युवती रुके हुये थे। इस पर मैनेजर रमेश यादव ने कमरा देने से मना कर दिया। बस, यह बात सिपाहियों को नागवार गुजरी। तीनों सिपाहियों ने मैनेजर को पीटा, फिर ग्राहक को कमरे से निकाल कर पीटने लगे। इस दौरान जिसने भी विरोध किया, उसे गिरा कर पीटा। एक घंटे तक अफरातफरी रही प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक सिपाही नशे में धुत थे और सबसे उलझ रहे थे। पहले इन लोगों ने मुफ्त में कमरा देने को कहा था लेकिन मैनेजर ने मना कर दिया था। इस पर वह पहले से नाराज थे। इसके बाद जैसे ही मनचाहा कमरा नहीं दिया गया तो ये लोग और उग्र हो गये। आरोप है कि तीनों पुलिस कर्मी नशे में थे। आलमबाग पुलिस ने जबरन समझौता कराया होटल में पुलिस की दबंगई से दहशत में आये लोगों ने कन्ट्रोल रूम में सूचना दे दी। वायरलेस पर मैसेज चला तो आलमबाग पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने होटल मालिक को ही अर्दब में ले लिया। होटल मालिक सुशील अबरोल ने सीओ और इंस्पेक्टर से शिकायत की तो उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन तहरीर नहीं ली। वहीं कुछ देर बाद एक कागज पर लिखवा लिया कि वह इस घटना में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। फुटेज में पूरी घटना कैदमालिक सुशील ने बताया कि सीसी फुटेज में सिपाहियों की पूरी करतूत कैद हो गई है। पर, स्थानीय पुलिस मामले को रफादफा करने में जुटी हुई है। इस घटना को लेकर व्यापारियों में भी काफी गुस्सा है। यही वजह है कि आरोपी सिपाहियों पर कार्रवाई के लिये काफी दबाव बना। यह भी पता किया जा रहा है कि इन तीनों के साथ क्या और पुलिसकर्मी भी थे। *वायरल होने पर मचा हड़कम्प,*निलम्बितइस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो महकमे में अफसरों ने लखनऊ पुलिस के अधिकारियों से इस बारे में पूछना शुरू कर दिया। इसके बाद ही तीनों सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक आरोपी सिपाहियों गोपाल गिरी, कमलवीर और प्रदीप को निलम्बित कर दिया गया है। एएसपी पूर्वी की जांच में तीनों सिपाही दोषी मिलेंगे तो इनकी बर्खास्तगी की संस्तुति की जायेगी। आलमबाग सीओ के ड्राइवर व हमराही रहे थे आरोपी सीओ आलमबाग संजीव सिन्हा का कहना है कि तीनों सिपाही वर्तमान में मानकनगर थाने में तैनात है और इस समय चुनाव डयूटी में लगे हुये थे। काफी समय पहले गोपाल सीओ का ड्राइवर था और कमलवीर हमराही नियुक्ति था। इन तीनों के बारे में और भी जानकारी जुटायी जा रही है। एफआईआर क्यों नहीं होटल मालिक के करीबियों का कहना है कि फुटेज में सारी बात सामने आने के बाद भी एफआईआर क्यों नहीं लिखी जा रही है। पुलिस कर्मियों को बचाने के लिये ही ऐसा किया जा रहा है। वहीं सीओ का कहना है कि किसी ने तहरीर ही नहीं दी है। रिपोर्ट शीबा खान
होटल कर्मियों ने की सिपाहियों से मारपीट, की एसएसपी से शिकायत
Reviewed by Ravindra Nagar
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November 28, 2017
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